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22 कैरेट बताकर 18 कैरेट का सोना बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

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22 कैरेट बताकर 18 कैरेट का सोना बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा में कम कैरेट के सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों और गोल्ड लोन कंपनियों से धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य 18 से 20 कैरेट शुद्धता वाले सोने के आभूषणों को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचते थे और विभिन्न गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर ऋण भी प्राप्त करते थे। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम कोरबी धतुरा निवासी संजय श्रीवास ने थाना सिविल लाइन रामपुर में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी के अनुसार गांव के इंद्रेश साहू ने उसे 3.75 ग्राम वजन का सोने का लॉकेट 22 कैरेट का बताकर करीब 49 से 50 हजार रुपये कीमत होने की बात कही थी। इसके बाद 28 अक्टूबर को घंटाघर कोरबा के पास इंद्रेश अपने साथियों के साथ कार से पहुंचा और 45 हजार रुपये लेकर लॉकेट बेच दिया।

लेकिन जब प्रार्थी ने लॉकेट की जांच दिव्य ज्वेलर्स में कराई तो पता चला कि लॉकेट 22 कैरेट का नहीं, बल्कि 18 कैरेट सोने का है। इस तरह शुद्धता छिपाकर अधिक कीमत में सोना बेचने की धोखाधड़ी सामने आई।

पुलिस जांच में सामने आया गिरोह का नेटवर्क

शिकायत मिलते ही सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 908/26, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी इंद्रेश कुमार साहू सहित उसके तीन अन्य साथियों को घटना में प्रयुक्त हुंडई आई-10 कार के साथ पकड़ लिया।

पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों का नेटवर्क सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री और गोल्ड लोन कंपनियों में उन्हें गिरवी रखने का काम करता था। आरोपी 18 और 20 कैरेट के आभूषणों को 22 कैरेट बताकर बेचते थे और गोल्ड लोन संस्थाओं में प्रस्तुत कर ऋण प्राप्त करते थे। जांच में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक, आईएफएल सहित अन्य वित्तीय संस्थाओं में लेन-देन के तथ्य भी सामने आए हैं।

सोने के आभूषण, नकदी और कार जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने के लॉकेट, झुमकी, अंगूठियां, नकदी, एसबीआई की एटीएम डिपॉजिट पर्ची और बैटरी से चलने वाली डिजिटल तौल मशीन जब्त की है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई हुंडई आई-10 कार क्रमांक CG05AE-8013 भी जब्त की गई है।

गिरफ्तार आरोपियों में रायपुर और दिल्ली के आरोपी शामिल

गिरफ्तार आरोपियों में इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम निवासी कोरबी धतुरा, लिलेश्वर सिन्हा निवासी गुढ़ियारी रायपुर, मनीष देवांगन उर्फ राहुल निवासी सुंदरनगर रायपुर और आशीष गर्ग उर्फ आशु निवासी नरेला, दिल्ली शामिल हैं।

चारों आरोपियों को 29 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

फिलहाल पुलिस सोने के आभूषणों के वास्तविक स्रोत, हॉलमार्क की सत्यता, गोल्ड लोन कंपनियों में हुए लेन-देन और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

 

लोक पल्स न्यूज़ | कोरबा

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