पाली महोत्सव में बालको ने पेश किया सामुदायिक विकास का सशक्त मॉडल

लोक पल्स न्यूज़ : बालकोनगर, 17 फरवरी 2026। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने दो-दिवसीय पाली महोत्सव में अपनी सशक्त सामाजिक भागीदारी दर्ज कराते हुए प्रदर्शनी के माध्यम से यह संदेश दिया कि औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ सामुदायिक विकास भी उसकी प्राथमिकता है।
महोत्सव के दौरान कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिकों ने बालको के स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बालको की पारंपरिक थीम, महिलाओं के प्रयासों और सामुदायिक विकास पहलों की सराहना की।
स्टॉल का निरीक्षण करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने महिलाओं के स्व-सहायता समूहों, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों को अनुकरणीय बताया। वहीं सांसद ज्योत्सना महंत ने आयोजन को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और उत्साह का केंद्र बताया तथा स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर ‘उन्नति’ परियोजना की प्रशंसा की।
प्रदर्शनी में एल्यूमिनियम निर्माण प्रक्रिया को सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, साथ ही सामाजिक विकास से जुड़ी विभिन्न पहलों की जानकारी भी दी गई।
महोत्सव में बालको से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार गोंकरा, लिपन, मिरर एवं म्यूरल आर्ट के उत्पादों के साथ पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यह पहल स्थानीय कला, संस्कृति और खान-पान को मंच देने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता को भी मजबूती प्रदान करती है।
कंपनी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा स्वावलंबन और आधारभूत संरचना विकास से संबंधित परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की। ‘नंदघर’ परियोजना एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बालको केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का भरोसेमंद साझेदार है।
गौरतलब है कि बालको पिछले छह दशकों से उत्कृष्टता, नवाचार और समावेशन के मूल्यों के साथ कार्यरत है। आसपास के लगभग 123 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से दो लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
सतत विकास की इस यात्रा में जिला प्रशासन, समाज और समुदाय की साझेदारी को ही कंपनी अपनी वास्तविक शक्ति मानती है। यही सहयोग एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।







