बस्तर में वर्षों से तैनात 2013 बैच के पुलिस अधिकारियों के तबादले की मांग तेज, परिवारों में बढ़ी उम्मीद
लोक पल्स न्यूज़ बस्तर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में वर्षों से सेवाएं दे रहे पुलिस विभाग के 2013 बैच के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लंबे समय से संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों और उनके परिजनों को अब स्थानांतरण की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 बैच के सीधे भर्ती हुए उप निरीक्षक एवं निरीक्षक स्तर के कई अधिकारी पिछले 7 से 10 वर्षों से बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन अधिकारियों ने नक्सल विरोधी अभियानों, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सूत्रों के मुताबिक लंबे समय तक संवेदनशील क्षेत्रों में सेवाएं देने के बाद कई अधिकारी अब गैर-संवेदनशील या शहरी क्षेत्रों में पदस्थापना की उम्मीद लगाए हुए हैं। हालांकि हाल ही में हुई स्थानांतरण प्रक्रिया में कई अधिकारियों का तबादला बस्तर संभाग के भीतर ही अन्य जिलों में किया गया, जिससे कुछ अधिकारियों और उनके परिवारों में निराशा देखी जा रही है।
पुलिस परिवारों का कहना है कि लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों, बच्चों की शिक्षा तथा अन्य आवश्यकताओं को लेकर कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे अधिकारियों को स्थानांतरण नीति के तहत अन्य जिलों में अवसर दिए जाने की अपेक्षा है।
हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं अधिकारियों एवं उनके परिवारों को उम्मीद है कि भविष्य की स्थानांतरण नीति में उनके लंबे सेवाकाल और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें बस्तर संभाग से बाहर अन्य जिलों में पदस्थापना का अवसर मिलेगा।








