तीन महीने से वेतन नहीं मिलने पर सफाई कर्मचारियों का हल्लाबोल, दिवाली से पहले पांच वार्डों की सफाई व्यवस्था ठप, निगम अधिकारियों पर उठे सवाल
दिवाली का त्योहार नजदीक है… हर घर में साफ-सफाई हो रही है, बाजारों में रौनक है और लोग अपने घरों को रोशन करने की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन कोरबा नगर निगम के रविशंकर नगर जोन में सफाई करने वाले कर्मचारियों के घरों में त्योहार से पहले ही आर्थिक संकट छा गया है। वजह है पिछले तीन महीने से वेतन का भुगतान नहीं होना। अपनी मेहनत की कमाई के लिए अब इन कर्मचारियों को सड़क पर उतरकर धरना देना पड़ रहा है। रविशंकर नगर में ठेका सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर सीधे पांच वार्डों की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर तीन महीने तक काम कराने के बाद भी कर्मचारियों को उनका वेतन क्यों नहीं मिला? और क्या नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को इन कर्मचारियों की परेशानी दिखाई नहीं दे रही
दरअसल, पूरा मामला कोरबा नगर निगम के रविशंकर नगर जोन का है, जहां पांच वार्डों में सफाई का जिम्मा संभालने वाले ठेका कर्मचारियों ने तीन महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी करते रहे, शहर की सड़कों और गलियों की सफाई करते रहे, लेकिन जब मेहनत की कमाई लेने की बारी आई तो उन्हें इंतजार के सिवाय कुछ नहीं मिला
धरने पर बैठे ठेका सुपरवाइजर ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि लगभग तीन महीने से भुगतान नहीं हुआ है। जब नगर निगम के अधिकारियों की ओर से ठेकेदार को भुगतान नहीं किया जाएगा, तो ठेकेदार कर्मचारियों को पैसा कहां से देगा? सुपरवाइजर ने निगम अधिकारियों पर भुगतान रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस समस्या के कारण सफाई कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि दिवाली सामने है, हर घर में दीपक जलेंगे, हर परिवार त्योहार मनाएगा, लेकिन जिन कर्मचारियों की मेहनत से शहर साफ रहता है, उनके ही घरों में अंधेरा छाया हुआ है। तीन महीने से वेतन नहीं मिला, ऐसे में बच्चों की जरूरतें, घर का राशन और त्योहार की तैयारी कैसे होगी?
कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनके तीन महीने का बकाया वेतन नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है, जिसके चलते रविशंकर नगर जोन के पांच वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से है। अगर ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ है, तो इसकी वजह क्या है? भुगतान की प्रक्रिया आखिर तीन महीने से क्यों अटकी हुई है? और जिन कर्मचारियों से लगातार काम लिया गया, उनके वेतन की जिम्मेदारी कौन लेगा?
एक तरफ नगर निगम स्वच्छ शहर की बात करता है, दूसरी तरफ शहर को साफ रखने वाले कर्मचारियों को अपने ही वेतन के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है। दिवाली पर शहर को रोशन करने की तैयारी है, लेकिन सफाई कर्मचारियों के घरों में वेतन का इंतजार अब भी खत्म नहीं हुआ है। अब देखना होगा कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस मामले में हस्तक्षेप करते हैं और इन कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान कब तक मिल पाता है।
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