रजगामार की मासूम को न्याय दिलाने सड़कों पर उतरा कोरबा, कैंडल मार्च में उमड़ा जनसैलाब
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषी को कठोरतम सजा देने की उठी मांग, प्रेस क्लब के आह्वान पर विभिन्न समाजों और संगठनों ने दी श्रद्धांजलि
कोरबा। रजगामार क्षेत्र में सात वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। मासूम को न्याय दिलाने और इस जघन्य अपराध के दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर शहर में गहरा आक्रोश देखने को मिला। इसी क्रम में कोरबा प्रेस क्लब के आह्वान पर शोकसभा और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न समाजों, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, श्रमिक नेताओं और शहरवासियों ने एकजुट होकर मासूम को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत कोरबा प्रेस क्लब स्थित तिलक भवन से हुई। यहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर ट्रांसपोर्टनगर चौक की ओर पैदल मार्च किया। मार्च के दौरान लोगों ने मासूम को न्याय दिलाने की मांग उठाई। ट्रांसपोर्टनगर चौक पहुंचकर उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत बच्ची को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। लोगों ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कठोरतम सजा, यहां तक कि फांसी दिए जाने की मांग भी उठाई। उपस्थित नागरिकों का कहना था कि मासूम के साथ हुई इस घटना ने हर संवेदनशील व्यक्ति को भीतर तक झकझोर दिया है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, त्वरित सुनवाई और कानून के अनुसार सख्त सजा जरूरी है।
पत्रकारों से लेकर सामाजिक संगठनों तक ने दिखाई एकजुटता
कैंडल मार्च में कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान, उपाध्यक्ष राजकुमार शाह, सचिव दिनेश राज, कोषाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव, कार्यकारिणी सदस्य राजेश कुमार मिश्रा सहित वरिष्ठ पत्रकार और महिला पत्रकार शामिल हुए। नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कटघोरा प्रेस क्लब, कुसमुंडा पत्रकार समूह और बरपाली पत्रकार संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सहभागिता निभाई।
इसके साथ ही आईएमए कोरबा, जिला अधिवक्ता संघ, अग्रवाल समाज, साहू समाज, यादव समाज, सर्व यादव समाज, पूज्य सिंधी पंचायत, यूथ मुस्लिम कमेटी, गौसे आजम कमेटी, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स, विभिन्न कर्मचारी-अधिकारी संगठनों, साहित्यिक संस्थाओं और वरिष्ठ नागरिक संघ के प्रतिनिधियों ने भी मार्च में भाग लिया। बड़ी संख्या में शहरवासियों ने पहुंचकर मासूम को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की आवाज बुलंद की।
मासूम को न्याय दिलाने का संकल्प
कैंडल मार्च केवल श्रद्धांजलि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मासूम को न्याय दिलाने के लिए समाज की सामूहिक आवाज बनकर सामने आया। उपस्थित लोगों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाओं पर संवेदनशीलता के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान हर चेहरे पर दुख और न्याय की उम्मीद दिखाई दी। लोगों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एकजुट रहने का संकल्प जताया। अब शहरवासियों की निगाहें मामले की निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। सभी की मांग है कि दोष सिद्ध होने पर अपराधी को कानून के तहत कठोरतम सजा मिले, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत हो।








