मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय में लापरवाही उजागर, महिला टॉयलेट के सामने जर्जर छत की सीलिंग से हादसे का खतरा
कोरबा। मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय में रखरखाव व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल परिसर में महिला टॉयलेट के सामने छत की सीलिंग की स्थिति जर्जर नजर आ रही है। सीलिंग का हिस्सा गिरने की आशंका बनी हुई है, जिससे यहां आने-जाने वाली महिलाओं, मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस तरह की स्थिति सामने आना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
महिला टॉयलेट का उपयोग करने के लिए प्रतिदिन कई महिलाएं और महिला मरीज इस रास्ते से गुजरती हैं। ऐसे में यदि छत की सीलिंग का कोई हिस्सा अचानक नीचे गिर जाता है, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। खासकर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाली महिलाओं और मरीजों के लिए यह स्थिति परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा का भी गंभीर विषय है। इसके बावजूद यदि जर्जर हिस्से की मरम्मत समय पर नहीं होती, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सवाल यह है कि अस्पताल प्रबंधन का ध्यान इस ओर क्यों नहीं गया? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुलेगी? अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण देना भी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि अस्पताल परिसर में छत की सीलिंग जैसी बुनियादी संरचना की स्थिति खराब है, तो यह रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
महिला टॉयलेट के सामने इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि मौके का तत्काल निरीक्षण कराकर जर्जर सीलिंग की मरम्मत कराई जाए। जरूरत पड़ने पर प्रभावित हिस्से को सुरक्षित किया जाए, ताकि वहां से गुजरने वाली महिलाओं और अन्य लोगों को किसी प्रकार का खतरा न रहे।
अब देखना होगा कि मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय प्रबंधन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए समय रहते मरम्मत कराता है या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।






