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प्रेस वार्ता में सांसद ज्योत्सना महंत ने कोरबा के रेल, भू-विस्थापित और मेडिकल कॉलेज के मुद्दे उठाए

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प्रेस वार्ता में सांसद ज्योत्सना महंत ने कोरबा के रेल, भू-विस्थापित और मेडिकल कॉलेज के मुद्दे उठाए

 

कोरबा में प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सांसद ने कोरबा की रेल सुविधाओं, भू-विस्थापितों की मांगों और मेडिकल कॉलेज से जुड़े विषयों को लेकर केंद्र सरकार और एसईसीएल से सवाल किए। उन्होंने कहा कि कोरबा के विकास और जनता की समस्याओं को लेकर उनकी ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कोरबा। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रेस क्लब कोरबा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों को शुभकामनाएं देते हुए सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कोरबा के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।

रेल सुविधाओं का मुद्दा

सांसद ने कहा कि कोरबा, चिरमिरी, अंबिकापुर और बिलासपुर से जुड़ी यात्री सुविधाओं, ट्रेनों के ठहराव, रेल विस्तार और नई यात्री गाड़ियों के संचालन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उनके मुताबिक कोरोना काल में बंद हुई ट्रेनों को दोबारा शुरू कराने के लिए जीएम, डीआरएम और रेल मंत्री तक कई बार मांग रखी गई, लेकिन कोरबा को नई यात्री ट्रेन देने के मामले में अपेक्षित पहल नहीं हुई।

सांसद ने सवाल उठाया कि रेलवे को राजस्व देने में कोरबा की महत्वपूर्ण भूमिका होने के बावजूद यात्री सुविधाओं और यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही है। तीजा और पोरा जैसे पर्वों के दौरान ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को हुई परेशानी का भी उन्होंने उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि अगले महीने रेल मंत्री के बिलासपुर आगमन के दौरान कोरबा की रेल से जुड़ी सभी मांगों को प्रमुखता से रखा जाएगा। साथ ही मंडल स्तरीय सांसद बैठक के लिए कोरबा से जुड़े प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।

भू-विस्थापितों का मुद्दा

सांसद ने कोरबा जिले के भू-विस्थापितों की समस्याओं को लेकर हरदीबाजार, अमगांव, चुरैल, पाली और पड़नियां सहित कई क्षेत्रों का उल्लेख किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि एसईसीएल द्वारा जमीन लिए जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों को मुआवजा, नौकरी और उचित बसाहट के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

सांसद ने कहा कि जिन किसानों की जमीन वर्षों बाद अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें वर्तमान दर के अनुसार मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने एसईसीएल के मेडिकल अनफिट कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी और मेडिकल बोर्ड की बैठक नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।

एसईसीएल की ठेका कंपनियों में स्थानीय बेरोजगारों और भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार देने की मांग करते हुए सांसद ने कहा कि वह भू-विस्थापितों की लड़ाई में उनके साथ हैं।

मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा

सांसद ने कोरबा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीट बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज की क्षमता बढ़ाना जरूरी है, ताकि कोरबा और आसपास के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

उन्होंने कोरबा के ईएसआईसी अस्पताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य पदों के रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।

सांसद ने कोरबा में बढ़ते प्रदूषण, सड़कों की स्थिति, सुनालिया अंडरब्रिज और आसपास के धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

केंद्र और राज्य सरकार से सवाल

प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में शुभकामनाओं के साथ सवाल पूछना भी विपक्ष और जनप्रतिनिधियों का अधिकार है।

उन्होंने महंगाई, रोजगार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, किसानों और आम जनता के मुद्दों पर सरकार से जवाब देने की बात कही।

सांसद ने कहा कि कोरबा और पूरे छत्तीसगढ़ के जनहित के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए।

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