राठौर कंस्ट्रक्शन का RES विभाग पर बड़ा आरोप: राजगामार प्रयोगशाला के जोनल टेंडर में पक्षपात की शिकायत

लोक पल्स न्यूज़ कोरबा शहर की प्रतिष्ठित निर्माण फर्म राठौर कंस्ट्रक्शन ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग (RES) कोरबा की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फर्म के संचालक ने राजगामार प्रयोगशाला से संबंधित जोनल टेंडर में धांधली और अपारदर्शिता का आरोप लगाते हुए कार्यपालन अभियंता को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।
बिना कारण बताए राठौर कंस्ट्रक्शन के टेंडर हुए रिजेक्ट
मामला राजगामार प्रयोगशाला के अंतर्गत आने वाले जोनल टेंडर क्रमांक 183998 और 184189 से जुड़ा है। राठौर कंस्ट्रक्शन का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार इन कार्यों के लिए अपनी निविदाएं प्रस्तुत की थीं, लेकिन विभाग द्वारा निविदा खोलने के दौरान उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या तकनीकी कारण बताए प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
”चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने का खेल”
राठौर कंस्ट्रक्शन ने अपने पत्र में तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए आरोप लगाया है कि विभाग ने अपने “चहेते ठेकेदारों” को अनुचित लाभ पहुँचाने और उन्हें कार्य दिलाने के उद्देश्य से ही उनके दोनों टेंडरों को जानबूझकर रिजेक्ट किया है। फर्म का दावा है कि उनके पास सभी जरूरी अर्हताएं होने के बावजूद उन्हें जानकारी दिए बिना यह कार्रवाई की गई, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है।
कलेक्टर और पूर्व गृह मंत्री तक पहुँचा मामला
इस कथित पक्षपात के विरोध में राठौर कंस्ट्रक्शन ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि जिले के उच्चाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले की जानकारी इन्हें भेजी गई है:
जिला कलेक्टर, कोरबा (छ.ग.)
अधीक्षण अभियंता (SE), बिलासपुर (छ.ग.)
माननीय ननकीराम कंवर, पूर्व गृह मंत्री
पारदर्शिता की मांग
राठौर कंस्ट्रक्शन ने विभाग से मांग की है कि उन्हें लिखित में यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर किन तकनीकी या कानूनी आधारों पर उनके द्वारा डाले गए कार्यों को रिजेक्ट किया गया। जोनल टेंडर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इस तरह के आरोपों से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है।







