छुईढोड़ा में 11 फीट लंबे किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू, सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया
लोक पल्स न्यूज़ कोरबा वनमंडल के पसरखेत रेंज अंतर्गत ग्राम छुईढोड़ा में एक विशालकाय किंग कोबरा के दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार दुर्लभ एवं अत्यंत विषैला यह सर्प अचानक एक घर में घुस गया, जिसे देखकर घर में मौजूद लोग घबराकर बाहर निकल आए। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग और वन्यजीव रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तथा विशेष अभियान चलाकर करीब 11 फीट लंबे किंग कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पाण्डेय तथा कोरबा वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देशन और उप वनमंडलाधिकारी दक्षिण के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी और सिद्धांत जैन ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किंग कोबरा को सुरक्षित पकड़ा। स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक निरीक्षण के बाद पंचनामा तैयार कर उसे उसके प्राकृतिक आवास के अनुरूप सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
वन विभाग ने बताया कि किंग कोबरा भारत का सबसे लंबा विषैला सर्प है और इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के तहत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। यह सर्प जंगलों की जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त पहल से क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। जहां पहले लोग सांपों को मार देते थे, वहीं अब उन्हें बचाने और रेस्क्यू टीम को सूचना देने में सहयोग कर रहे हैं।
इस रेस्क्यू अभियान में वन परिक्षेत्र अधिकारी देवदत्त खांडे, ड्यूटी रेंजर गुलाब सिंह, हरिनारायण बंजारे, पंकज कुमार, कृष्ण कुमार, सरपंच किशन कुमार राठिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव या सर्प के दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें।









