1600 मेगावाट क्षमता विस्तार पर पर्यावरण जनसुनवाई सम्पन्न, हजारों ग्रामीणों की भागीदारी के बीच विकास-रोजगार पर चर्चा

लोक पल्स न्यूज़ : कोरबा। बरपाली तहसील अंतर्गत स्थित कोरबा पावर लिमिटेड 1600 मेगावाट क्षमता विस्तार के लिए आयोजित जनसुनवाई हजारों ग्रामीणों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के निर्देश पर 27 फरवरी 2026 को ग्राम सरगबूंदिया स्थित शासकीय स्कूल मैदान में दोपहर 12 बजे से आयोजित इस जनसुनवाई में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कंपनी प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।

जनसुनवाई में पीठासीन अधिकारी के रूप में अतिरिक्त कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर साहू, एसडीएम सरोज कुमार महिलांगे, कार्यपालक अभियंता प्रसन्ना सोनकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कंपनी की ओर से पर्यावरण विभाग प्रमुख आर.एन. शुक्ला ने परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए क्षमता विस्तार से जुड़ी तकनीकी और पर्यावरणीय पहलुओं पर प्रकाश डाला। जनसुनवाई की कार्यवाही लगभग ढाई घंटे तक चली।
12 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने रखे सुझाव और अपेक्षाएं

जनसुनवाई में बरपाली तहसील के खोड्डल, पताड़ी, सरगबूंदिया, पहंदा, बरीडीह, तिलकेजा सहित करीब 12 गांवों के हजारों ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विकास, रोजगार के अवसर, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, स्वरोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़क एवं पेयजल व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पीठासीन अधिकारी ने ग्रामीणों की मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए कंपनी अधिकारियों की उपस्थिति में आवश्यक बिंदुओं पर विचार और समाधान का भरोसा दिलाया।
अधिकांश ग्रामीणों ने परियोजना विस्तार का किया समर्थन
जनसुनवाई के दौरान उपस्थित लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीणों ने केपील की 800-800 मेगावाट की दो इकाइयों के क्षमता विस्तार के पक्ष में समर्थन जताया। विभिन्न ग्रामों के सरपंच, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना विस्तार से क्षेत्र में विकास के नए अवसर खुलेंगे तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
ग्रामीणों ने परियोजना से जुड़े सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए सड़क, सोलर लाइट, पेयजल और शिक्षा क्षेत्र में सुधार को सकारात्मक पहल बताया।
सामाजिक सरोकारों और विकास कार्यों का हुआ उल्लेख
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी और फाउंडेशन द्वारा संचालित सामाजिक गतिविधियों का जिक्र किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उन्नयन और अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में आसपास के गांवों में किए जा रहे कार्यों को क्षेत्र के विकास में सहायक बताया गया।
ग्रामीण वक्ताओं ने कहा कि परियोजना के आने से गांवों में सड़कों का सुधार, सोलर लाइट व्यवस्था, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और शिक्षा क्षेत्र में सहायता जैसी सुविधाएं बढ़ी हैं, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।
रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
कंपनी के प्रोजेक्ट प्रमुख वी.के. प्रसाद ने कहा कि प्रस्तावित क्षमता विस्तार से हजारों स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने के साथ स्वरोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास के कार्यों को आगे भी प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने जनसुनवाई में भाग लेने वाले ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।
सफल जनसुनवाई के साथ आगे की प्रक्रिया की राह साफ
जनसुनवाई के सफल आयोजन के साथ परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति की दिशा में आगे की प्रक्रिया को बल मिलने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित ग्रामीणों और अधिकारियों ने शांतिपूर्ण जनसुनवाई को सकारात्मक पहल बताया।
क्षमता विस्तार को लेकर आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी और समर्थन के बीच विकास, रोजगार तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिससे परियोजना के प्रति सकारात्मक संकेत सामने आए।







